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जनà¥à¤® के बाद शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ दिनों में शिशॠको कितना दूध चाहिठहोता है?
हर शिशॠअलग होता है और यह बता पाना मà¥à¤¶à¥à¤•िल है कि वासà¥à¤¤à¤µ में आपके शिशॠको जनà¥à¤® के बाद शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ कà¥à¤› दिनों में कितने दूध की जरà¥à¤°à¤¤ होगी। साथ ही, हमारी तरह शिशà¥à¤“ं की à¤à¥‚ख à¤à¥€ अलग-अलग होती है।
अधिकांश सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संगठन और चिकितà¥à¤¸à¤•ीय विशेषजà¥à¤ž सलाह देते हैं कि जैसे ही शिशॠà¤à¥‚खा होने के संकेत दे, उसे दूध पिलाà¤à¤‚। इसे शिशॠकी इचà¥à¤›à¤¾à¤¨à¥à¤¸à¤¾à¤° दूध पिलाना यानि बेबी लेड फीडिंग या डिमांड फीडिंग कहा जाता है।
शिशॠको उसकी इचà¥à¤›à¤¾à¤¨à¥à¤¸à¤¾à¤° जितना चाहे और जितनी देर तक चाहे सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने देने से आपकी दूध की आपूरà¥à¤¤à¤¿ शिशॠकी जरà¥à¤°à¤¤ के हिसाब से नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने में मदद मिलती है। इससे सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ की दिनचरà¥à¤¯à¤¾ सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ करने में आसानी होती है।
यदि आपके शिशॠके à¤à¥‚ख लगने के संकेत काफी हलà¥à¤•े हैं या इनका पता नहीं चलता तो à¤à¤¸à¥‡ में शिशà¥à¤“ं को कम से कम हर तीन घंटे, कà¤à¥€-कà¤à¥€ दो घंटे में सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने की सलाह दी जाती है। फिर चाहे आपको शिशॠसो रहा हो या फिर दिन में à¤à¤ªà¤•ी ले रहा हो। इसे तय समय पर दूध पिलाना यानि फीडिंग आॅन शेडà¥à¤¯à¥‚ल कहा जाता है। यह समय से पहले जनà¥à¤® शिशà¥, कम जनà¥à¤® वजन शिशॠऔर बीमार शिशà¥à¤“ं के मामले में करने की सलाह दी जाती है।
नवजात शिशà¥, जो नियमित तौर पर तीन या चार घंटों से अधिक सोता है, तो उस पर नजदीकी निगरानी रखने की जरà¥à¤°à¤¤ होती है, ताकि सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ हो सके कि उसका उचित वजन बढ़ रहा है।
आप यह पाà¤à¤‚गी कि समय बीतने के साथ-साथ आपका शिशॠकम समय के लिठमगर अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में दूध पी रहा है। जरà¥à¤°à¥€ नहीं है कि इसका मतलब सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ का समय बढ़ना हो। शिशॠजब सही ढंग से सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करना सीख लेता है, तो वह चूसने पर अधिक दूध निकालने में सकà¥à¤·à¤® हो जाता है।
आप देखेंगी कि शिशॠके सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कर लेने के बाद वह सà¥à¤¤à¤¨ हलà¥à¤•ा और अधिक खाली महसूस होता है। कà¥à¤› माà¤à¤‚ यह à¤à¥€ पाती हैं कि à¤à¤• सà¥à¤¤à¤¨ से दूध पिलाते समय दूसरे सà¥à¤¤à¤¨ से दूध रिसने लगता है। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठहोता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि जिस सà¥à¤¤à¤¨ से शिशॠदूध पी रहा होता है, उसमें दूध निकलने लगता है जिसे दूध का लेटडाउन कहा जाता है।
नीचे दी गई सारणी के औसत आंकड़ों के आधार पर आप à¤à¤• अंदाजा लगा सकती हैं कि आपके शिशॠको कितना दूध चाहिठहोगा:
आपके शिशॠकी उमà¥à¤° हर फीड में दूध की मातà¥à¤°à¤¾
पहला दिन (0 से 24 घंटे) 7 à¤à¤®à¤à¤² (à¤à¤• छोटी चाय की चमà¥à¤®à¤š से थोड़ा जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾)
दूसरा दिन (24 से 48 घंटे) 14 à¤à¤®à¤à¤² (करीब तीन छोटी चाय की चमà¥à¤®à¤š)
तीसरा दिन (48 से 72 घंटे) 38 à¤à¤®à¤à¤²
चौथा दिन (72 से 96 घंटे) 58 à¤à¤®à¤à¤²
सातवां दिन (144 से 168 घंटे) 65 à¤à¤®à¤à¤²
सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले शिशà¥à¤“ं को हर बार अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में दूध की जरà¥à¤°à¤¤ नहीं होती। फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध पीने वाले शिशॠसà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले शिशà¥à¤“ं की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में अधिक दूध पी सकते हैं। बहरहाल, फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध पीने वाले शिशॠअपने दूध के सेवन को सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले शिशà¥à¤“ं की तरह नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ नहीं कर पाते। इसलिठयदि वे अपने छोटे से पेट के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° यदि जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दूध पी लें, तो अकà¥à¤¸à¤° थोड़ा दूध उलà¥à¤Ÿà¥€ करके निकाल à¤à¥€ देते हैं।
यदि आप सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवा रही हैं, तो यह बता पाना नामà¥à¤®à¤•िन है कि आपके शिशॠको वासà¥à¤¤à¤µ में कितना दूध मिल रहा है। आपका शिशॠसही ढंग से दूध पी रहा है, इसके संकेत हैं:
आपके सà¥à¤¤à¤¨ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने के बाद नरम महसूस होते हैं
आप शिशॠके दूध गटकने की आवाज सà¥à¤¨ सकती हैं
वह पेट à¤à¤° जाने पर अपने आप सà¥à¤¤à¤¨ छोड़ देता है
सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के बाद वह संतà¥à¤·à¥à¤Ÿ दिखाई देता है
उसका मल गहरे और चिपचिपे मिकोनियम की जगह पीले से रंग का और मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® हो गया है
वह हर कà¥à¤› घंटो में अपनी लंगोट गीली कर रहा है
यदि आप असमंजस में हो कि आपके शिशॠके लिठकà¥à¤¯à¤¾ सही है, तो अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें।
नवजात शिशॠका जनà¥à¤® के बाद वजन घटना सामानà¥à¤¯ है। पांच से सात दिन के बाद शायद उसका वजन बढ़ने लगेगा। हालांकि, कà¥à¤› शिशà¥à¤“ं को इसमें और अधिक समय लग जाता है। 14 दिन का होने तक अधिकांश शिशॠअपने जनà¥à¤® वजन या इससे अधिक वजन तक पहà¥à¤‚च जाते हैं।
शिशॠके शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ 40 मिनट या इससे à¤à¥€ लंबे समय के लिठहो सकात है। जब आपका दूध आना शà¥à¤°à¥ हो जाता है, तो आपका शिशॠहर सà¥à¤¤à¤¨ से पांच से 30 मिनट तक दूध पीता है।
शिशॠको दूसरे सà¥à¤¤à¤¨ से दूध पिलाना शà¥à¤°à¥ करने से पहले à¤à¤• सà¥à¤¤à¤¨ से दूध समापà¥à¤¤ करने दें। और à¤à¤• से दूसरे सà¥à¤¤à¤¨ पर जाने से पहले उसे डकार दिलवाना न à¤à¥‚लें।
यदि आपका शिशॠलंबे समय तक सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ न करे, तो à¤à¥€ चिंता न करें। कà¥à¤› शिशॠअपने लिठजरà¥à¤°à¥€ सारा दूध कà¥à¤› ही मिनटों में पी लेते हैं, वहीं कà¥à¤› को इसमे समय लगता है। आपका हर सà¥à¤¤à¤¨ अलग मातà¥à¤°à¤¾ में दूध का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ करता है। इसलिठउदाहरण के तौर पर हो सकता है कि आपका शिशॠदाà¤à¤‚ सà¥à¤¤à¤¨ से अधिक जलà¥à¤¦à¥€ दूध पी ले, और बाà¤à¤‚ में उसे समय लगे। à¤à¤¸à¤¾ होना à¤à¤•दम सामानà¥à¤¯ है।
जब तक आपका शिशॠसà¥à¤¤à¤¨ को सही ढंग से मà¥à¤‚ह में ले रहा है यानि सही लैचिंग हो रही है और अपनी मरà¥à¤œà¥€ से जितनी देर तक चाहे सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कर रहा है, तो उसे बाद में आने वाला वसायà¥à¤•à¥à¤¤ गाढ़ा दूध मिल रहा होगा।
शिशॠका वजन जलà¥à¤¦à¥€ बढ़ाने या तेज विकास के लिठअधिक दूध पिलाने के लिठजबरदसà¥à¤¤à¥€ पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ न करें। शिशॠको पता होता है कि उसका पेट à¤à¤° गया है और शिशॠकी इचà¥à¤›à¤¾ के बिना बार-बार दूध पिलाने से सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ व बाद में खानपान की अनà¥à¤šà¤¿à¤¤ आदतें पड़ सकती हैं।
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